सुबोध भारती भाग 2 – रबड़ की कहानी | प्रश्न उत्तर, सारांश और अभ्यास प्रश्न
रबड़ की कहानी
आइए, शुरू करें
बहुत काम की चीज़ है रबड़। सोचिए, यदि आपके पेंसिल बॉक्स में रबड़ न हो तो? साइकिल में टायर-ट्यूब न हों तो? बरसात में पहनने के लिए बरसाती जूते न हों तो? आइए पढ़ें, यह पाठ हमें रबड़ की कौन-सी कहानी सुना रहा है...
उच्चारण-अभ्यास:
चिड़ियाँ, कलियाँ, खुशबू, सिरजनहार, बूँदें, हरियाली
बरसात के दिन थे। चमड़े के जूते पानी में खराब न हो जाएँ, इसलिए पिता जी ने कमल के लिए रबड़ के जूते खरीदे। एक बरसाती भी ले आए, जो रबड़ की बनी हुई थी। पेंसिल का लिखा मिटाने के लिए एक रबड़ और खेलने की एक गेंद भी खरीद लाए। रबड़ की इतनी सारी वस्तुएँ पाकर कमल के आनंद का पार न रहा। वह गुब्बारे-सा फूल उठा।
वह दौड़ता हुआ अपनी माँ के पास गया और बोला,
“देखो माँ, पिता जी रबड़ की कितनी सारी चीजें लाए हैं। माँ! क्या रबड़ का पेड़ होता है, जिस पर ये सब चीजें लगती हैं?”
पिता जी हँसते हुए कमरे में आए और बोले,
“हाँ बेटा, रबड़ का पेड़ होता है। परंतु ये सब वस्तुएँ उस पेड़ पर नहीं लगतीं, ये तो कारखानों में बनती हैं। रबड़ के पेड़ से एक प्रकार का दूध निकलता है।”
“रबड़ के पेड़ से दूध!” कमल चौंककर बोला।
“हाँ! पहले पेड़ के तने में कई छेद किए जाते हैं और उनके नीचे टीन की बाल्टियाँ-बर्तन लटका दिए जाते हैं। दिनभर में एक पेड़ से लगभग दो-तीन किलो दूध निकलता है। फिर सब दूध इकट्ठा करते हैं और पानी में डालकर उबालते हैं। इससे रबड़ बर्तन में नीचे बैठ जाता है। उसे मशीनों द्वारा सुखा लेते हैं और कारखानों में उससे इच्छा के अनुसार चीजें बनाते हैं।” माँ ने कमल की बात का उत्तर देते हुए बताया।
पिता जी ने कहा,
“रबड़ से कई वस्तुएँ बनती हैं। साइकिलों और मोटर गाड़ियों के टायर-ट्यूब, जूते, बरसातियाँ, नलियाँ, बिजली के तारों के खोल, खिलौने, गेंद, गुब्बारे आदि सब वस्तुएँ रबड़ से बनती हैं।”
कमल ने पूछा,
“पिता जी, ये सब वस्तुएँ रबड़ से क्यों बनती हैं?”
पिता जी ने कहा,
“बेटा, रबड़ बहुत उपयोगी पदार्थ है। इसके कई गुण हैं। यह लचीला, हलका और सिकुड़ने-फैलने वाला पदार्थ है। इस पर पानी का असर नहीं होता। इसमें से हवा भी नहीं निकलती। इससे बिजली के झटके नहीं लगते। आजकल जहाँ देखो, वहाँ रबड़ की वस्तुएँ दिखाई देती हैं। रबड़ की माँग को पूरा करने के लिए अब तो नकली रबड़ भी बनाया जाता है।”
कमल को अब पता लग गया कि रबड़ के पेड़ से रबड़ की वस्तुएँ कैसे बनती हैं।
शब्दार्थ
गुब्बारे-सा फूल उठा – बहुत प्रसन्न होना।
उपयोगी – उपयोग में आने वाला।
पदार्थ – वस्तु।
अभ्यास के उत्तर
मौखिक
1. पिता जी ने कमल के लिए कौन-कौन-सी वस्तुएँ खरीदीं?
उत्तर: पिता जी ने कमल के लिए रबड़ के जूते, रबड़ की बरसाती, रबड़ (इरेज़र) और एक गेंद खरीदी।
2. रबड़ के पेड़ के दूध से रबड़ कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: पेड़ के तने में छेद करके उसका दूध निकाला जाता है। उसे इकट्ठा करके पानी में डालकर उबाला जाता है। फिर उसे सुखाकर कारखानों में रबड़ बनाया जाता है।
3. तुम्हारे पास रबड़ की कौन-कौन-सी चीजें हैं?
उत्तर: मेरे पास रबड़, जूते, गेंद और चप्पल हैं।
लिखित
प्रश्न 1. कमल के पिता ने उसके लिए रबड़ के जूते क्यों खरीदे?
उत्तर: कमल के पिता ने उसके लिए रबड़ के जूते खरीदे क्योंकि चमड़े के जूते पानी में खराब हो जाते हैं।
प्रश्न 2. रबड़ से कौन-कौन-सी वस्तुएँ बनती हैं?
उत्तर: रबड़ से टायर-ट्यूब, जूते, बरसातियाँ, नलियाँ, बिजली के तारों के खोल, खिलौने, गेंद और गुब्बारे आदि वस्तुएँ बनती हैं।
प्रश्न 3. रबड़ जैसे उपयोगी पदार्थ के गुण लिखिए।
उत्तर: रबड़ लचीला, हलका तथा सिकुड़ने-फैलने वाला पदार्थ है। इस पर पानी का असर नहीं होता, इसमें से हवा नहीं निकलती और इससे बिजली के झटके नहीं लगते।
प्रश्न 4. नकली रबड़ क्यों बनाया जाता है?
उत्तर: रबड़ की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए नकली रबड़ बनाया जाता है।
प्रश्न 5. बरसात में रबड़ के जूते क्यों पहने जाते हैं?
उत्तर: बरसात में रबड़ के जूते पहने जाते हैं क्योंकि उन पर पानी का असर नहीं होता और वे खराब नहीं होते।
प्रश्न 6. किसने कहा? किससे कहा?
कथन किसने? किससे?
(क) "क्या रबड़ का पेड़ होता है?" कमल माँ से
(ख) "हाँ बेटा! रबड़ का पेड़ होता है।" पिता जी कमल से
(ग) "अब नकली रबड़ भी बनाया जाता है।" पिता जी कमल से
प्रश्न 7. उपयुक्त शब्द चुनकर खाली स्थान भरिए।
(उपयोगी दूध कारखानों)
क. रबड़ की वस्तुएँ कारखानों में बनाई जाती हैं।
ख. रबड़ बनाने के लिए रबड़ के दूध को पानी में डालकर उबाला जाता है।
ग. रबड़ एक उपयोगी पदार्थ है।
भाषा की बात
1. ज़ोर से पढ़िए और उच्चारण करके अंतर जानिए—
ड़ – चमड़ा, रबड़, पेड़, बड़ा, सड़क, कड़क, कपड़ा
ड – डलिया, निडर, ठंडा, डगर, डमरू, डुगडुगी, डाली
2. नीचे लिखे शब्दों में सही स्थान पर ड/ड़ लिखकर शब्द पूरे कीजिए—
लड़का
कड़क
डर
घोड़ा
डंडी
झगड़ा
डंका
भेड़िया
डगर
डिब्बा
3. शब्दों का सही उच्चारण करते हुए लिखिए—
ट्ठ – इकट्ठा लट्ठा
ट्यू – ट्यूब ट्यून
च्छ – इच्छा मच्छर
स्त – वस्तु नमस्ते
4. वचन बदलिए—
जूता — जूते
गुब्बारा — गुब्बारे
खिलौना — खिलौने
गेंद — गेंदें
चीज़ — चीज़ें
मशीन — मशीनें
तार — तार
बरसात — बरसातें
नली — नलियाँ
बाल्टी — बाल्टियाँ
5. नीचे लिखे शब्दों को ज़ोर से पढ़िए और सही रूप में लिखिए—
करम — कर्म
प्रार्थना — प्रार्थना
पूरब — पूर्व
चरचा — चर्चा
बरषा — वर्षा
मूरख — मूर्ख
6. रबड़ कैसा पदार्थ है? उसके गुण पाठ में से चुनकर लिखिए।
उत्तर:
रबड़ एक उपयोगी पदार्थ है। यह लचीला, हलका और सिकुड़ने-फैलने वाला होता है। इस पर पानी का असर नहीं होता। इसमें से हवा नहीं निकलती और इससे बिजली के झटके नहीं लगते।
7. उदाहरण पढ़िए, समझिए और क्रिया बदलिए—
भूतकाल → वर्तमान काल → भविष्य काल
बरसात के दिन थे → बरसात के दिन हैं → बरसात के दिन होंगे।
पिता जी ने गेंद खरीदी। → पिता जी गेंद खरीदते हैं। → पिता जी गेंद खरीदेंगे।
पेड़ से दूध निकला। → पेड़ से दूध निकलता है। → पेड़ से दूध निकलेगा।
रबड़ का एक पेड़ था। → रबड़ का एक पेड़ है। → रबड़ का एक पेड़ होगा।
रचनात्मक गतिविधि
1. यहाँ कुछ वस्तुओं के चित्र दिए गए हैं। रबड़ की बनी वस्तुओं के चारों ओर हरा रंग भरिए—
चित्र:
रबड़ (इरेज़र) ✔️
टायर ✔️
छाता ✖️
जूते ✖️
2. इस चित्र को पूरा कीजिए और दिए गए रंगों के नंबरों के अनुसार रंग भरिए—
रंगों के नंबर:
1. लाल
2. हरा
3. नीला
4. पीला
5. काला


