सुबोध भारती भाग 2 – सयानी चिड़िया | प्रश्न उत्तर, सारांश और अभ्यास प्रश्न
सयानी चिड़िया
आइए, शुरू करें
इधर-उधर उड़ती चिड़ियाँ हम सबका ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। ये नन्हे पंख, नन्ही चोंच, नन्हे पैरों से अपनी ज़रूरत के सारे काम कर लेती हैं। चिड़ियों की यह सुंदर कहानी पढ़ें कविता में....
उच्चारण-अभ्यास – चिड़िया, खिड़की, दस्तक, नीड़, पंख, मेहँदी, तड़पाती
कविता
पहले गाना गाती चिड़िया
पीछे दाना खाती चिड़िया।
खिड़की-खिड़की दस्तक देकर
घर के भीतर आती चिड़िया,
कोमल-कोमल तिनके चुनकर
अपना नीड़ बनाती चिड़िया।
कभी धूल में, कभी ताल में
धो-धो पंख नहाती चिड़िया,
काजल-मेहँदी-कंगन लेकर
सोलह रूप सजाती चिड़िया।
और सयानी बिटिया जैसी—
देश छोड़ उड़ जाती चिड़िया,
भूली-बिसरी यादें बनकर—
बहुत-बहुत तड़पाती चिड़िया।
शब्दार्थ
दस्तक देना – खटखटाना
नीड़ – घोंसला
ताल – तालाब
सयानी – बुद्धिमान
कविता का सारांश (हिंदी)
'सयानी चिड़िया' कविता में कवि ने चिड़िया के सुंदर और मनमोहक जीवन का चित्रण किया है। चिड़िया पहले मधुर गीत गाती है और फिर अपना भोजन खोजकर खाती है। वह खिड़कियों पर दस्तक देकर घरों के पास आती है तथा कोमल तिनकों को चुनकर अपना घोंसला बनाती है। कभी धूल में और कभी तालाब के पानी में अपने पंख साफ़ करके नहाती है। कवि उसकी सुंदरता की तुलना ऐसे करता है मानो उसने काजल, मेहँदी और कंगन पहनकर स्वयं को सजा लिया हो। अंत में चिड़िया की तुलना एक सयानी बेटी से की गई है, जो बड़ी होकर अपना घर छोड़ देती है। उसके जाने के बाद उसकी यादें लोगों के मन में रह जाती हैं और वे उसे बहुत याद करते हैं। यह कविता चिड़िया की सुंदरता, मेहनत, स्वावलंबन और बिछड़ने की भावना को सरल एवं भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती है।
मौखिक
1. चिड़िया दाना खाने से पहले क्या काम करती है?
उत्तर: चिड़िया दाना खाने से पहले गाना गाती है।
2. चिड़िया धूल से पंखों को क्यों धोती है?
उत्तर: अपने पंखों को साफ़ और सुंदर बनाने के लिए।
3. ‘चिड़िया बहुत तड़पाती है’—किसे और क्यों तड़पाती है?
उत्तर: चिड़िया अपने बिछड़ने के बाद लोगों को अपनी यादों से तड़पाती है।
लिखित
प्रश्न 1. चिड़िया घर के भीतर कैसे आती है?
उत्तर: चिड़िया खिड़की-खिड़की दस्तक देकर घर के भीतर आती है।
प्रश्न 2. चिड़िया अपने घोंसले को किससे बनाती है?
उत्तर: चिड़िया कोमल-कोमल तिनकों से अपना घोंसला बनाती है।
प्रश्न 3. चिड़िया अपने आपको कैसे सजाती है?
उत्तर: चिड़िया काजल, मेहँदी और कंगन लेकर अपने आपको सजाती है।
प्रश्न 4. चिड़िया को बिटिया जैसी क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि सयानी बिटिया की तरह वह भी एक दिन अपना घर छोड़कर उड़ जाती है।
प्रश्न 5. कविता की पंक्तियाँ पूरी कीजिए—
कभी धूल में, कभी ताल में
धो-धो पंख नहाती चिड़िया।
काजल-मेहँदी-कंगन लेकर
सोलह रूप सजाती चिड़िया।
और सयानी बिटिया जैसी—
देश छोड़ उड़ जाती चिड़िया,
भूली-बिसरी यादें बनकर—
बहुत बहुत तड़पाती चिड़िया।
भाषा की बात
1. विलोम शब्द लिखिए—
पहले × बाद में
कोमल × कठोर
अपना × पराया
छोड़ना × पकड़ना
उड़ना × बैठना
बनाना × बिगाड़ना
2. 'ड़' वर्ण वाले शब्द कविता में से चुनकर लिखिए—
चिड़िया
खिड़की
दस्तक
नीड़
तड़पाती
उड़
3. उदाहरण देखकर रेखा द्वारा मिलान कीजिए और लिखिए—
कोमल — तिनके
सयानी — बिटिया
भूली-बिसरी — यादें
अपना — नीड़
सोलह — रूप
उत्तर
तिनके कैसे हैं?
कोमल।
बिटिया कैसी है?
सयानी।
यादें कैसी हैं?
भूली-बिसरी।
नीड़ किसका है?
अपना।
रूप कितने हैं?
सोलह।
4. अलग-अलग रंगों की रेखा खींचकर पक्षियों का उनकी बोली से मिलान कीजिए—
पक्षी
कबूतर
तोता
कौआ
कोयल
चिड़िया
बोली
टें... टें... टें...
काँव-काँव
गुटर गूँ
चीं-चीं
कुहू-कुहू
उत्तर:
कबूतर — गुटर गूँ
तोता — टें...टें...टें...
कौआ — काँव-काँव
कोयल — कुहू-कुहू
चिड़िया — चीं-चीं
रचनात्मक गतिविधि
इस पेड़ पर बहुत से नभचर रहते हैं। उनके चित्रों को पेंसिल से पूरा करके रंग भरिए—

